Tuesday, March 10, 2009

शब्दों का खेल


दुनिया मैं सब श्ह्ब्दो का ही खेल है , किसी ने कुछ बोला किसी ने कुछ सुना और किसी ने कुछ और ही सुना और इस तरह बात का बतंगड़ बन गया ..या बात फ़ैल गयी ॥
अब देखिये कल की ही बात है किसी ने कहा की
" सब को अपनी थाली बड़ा बड़ा नही दीखता है "
एक बड़ा - खाने वाला बड़ा ( साबूदाना बड़ा , बड़ा पाव वाला बड़ा )
दूसरा बड़ा- साइज़ में जायदा
बड़ा ही मीनिंग फुल मीनिंग है सब को लगता है की दुसरे के पास जायदा अच्छा है और हमारे पास कुछ भी नही है फिर चाहे वोह दूसरी की बीवी ही क्यो न हो :))

अब एक और एक्साम्प्ले देखिये आप सब ने सरकार राज मोइविए तो देखि ही होगी जी हा amitabh bachchan जी ने उसमें बड़ा ही मेमोराब्ले अभीनय किया है उसमें एक दिअलोग है -
जान की बात है जान में रख लो ...( पुरा और एक्जेक्ट मुझे याद नही है यदि आप में से किसी को याद हो तो please बता दीजियेगा )
अब यहाँ भी देखिये जान के बहुत मीनिंग निकल रहे है
एक जान - लाइफ
दूसरी जान - पता होना, knowing

जी हा तो जनाब ऐसे बहुत सरे एक्साम्प्ले आप को मिल जायेगे दुन्दने से तो कहते है की god भी मिल जाता है
आप सब को होली की बहुत बहुत रंग भरी शुभकामनाये !

No comments:

Post a Comment